हाल में ही खत्म हुए अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब भारत ने अपने नाम किया है. इस खिताब को जीतने केबाद भी टीम के कोच राहुल द्रविड़ टीम के प्रदर्शन से खुश नही है. जहाँ पर उन्होंने भारत ने वापस आने के बाद मीडिया से बात की और टीम के फाइनल मैच में किये प्रदर्शन को लेकर कुछ सवाल भी उठा दिए.
हमने अपनी क्षमता के हिसाब से नही खेला
द्रविड़ ने कहा, ‘मुझे इन लड़कों पर गर्व है कि उन्होंने वर्ल्ड कप विनर वाला मेडल हासिल किया। लेकिन मैं नहीं मानता कि हमने इस फाइनल मैच में अपना नंबर 1 (सर्वश्रेष्ठ) खेल खेला। लेकिन हमें वह परिणाम मिला, जो हम चाहते थे।’
इस दिग्गज बल्लेबाज ने कहा कि उनके लिए वर्ल्ड कप चैंपियन बनने से ज्यादा संतोषजनक बात वह प्रक्रिया है, जिसमें टीम तैयार हुई और अपने उन अनुभवों के आधार पर यहां तक पहुंची।
द्रविड़ ने कहा, ‘यह पूरी प्रक्रिया 15 से 16 महीने पहले शुरू हुई थी। खिलाड़ियों को विकसित करना और उनके लिए योजनाएं बनाना एक अच्छी प्रक्रिया है। हमें रिफाइनिंग और विकास की इस प्रक्रिया को जारी रखने की जरूरत है।’
ये इनके लिए एक अलग तरह का अनुभव है
द्रविड़ ने कहा, ‘बतौर बच्चे, उन्हें इस स्तर पर ऐसे अनुभव मिले हैं, जिसे वे अब जीवनभर याद रखेंगे। दर्शकों की भीड़ के सामने ऐसे मैचों में खेलना जिनका प्रसारण टीवी पर हो रहा है। ऐसे ही हाई-प्रेशर फाइनल मैच में खेलना उनके लिए कुछ बड़ी बात है।’
यह सच है कि जैसा इन लड़कों को यहां स्वागत मिल रहा है और जैसे वे मीडिया को फेस कर रहे हैं, उनके लिए वह एक बड़ा अनुभव है। लेकिन उनकी असली परीक्षा अब शुरू होगी और मैंने इस बारे में इन किशोर खिलाड़ियों से बात की है।
