भारत ने अंडर-19 वर्ल्ड कप पर कब्ज़ा कर लिया है. इस वर्ल्ड कप में शॉ के बाद शुभमन गिल का नाम भी काफी ज्यादा सुखियों में आया है. उन्होंने वर्ल्ड कप में उन्होंने भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए है.लेकिन क्या आप जानते है, गिल की सफलता के पीछे किसका हाथ है,आइये जानते है:
पिता के सपने को किया पूरा
लखविंदर खुद भी क्रिकेट खेलना चाहते थे लेकिन अवसरों की कमी के चलते वह ऐसा नहीं कर पाए। पिता की आंखों में पलता सपना बेटे, शुभमन गिल, ने पूरा किया।
भविष्य के लिए छोड़ दिया गाँव

लखविंदर ने कहा, ‘शुभमन की छोटी सी उम्र में ही खेल में दिलचस्पी थी। तीन साल की उम्र से ही बैट घुमा रहा था। उसे कोई दूसरा खिलौना पसंद ही नहीं आया। रात को भी वह बैट और बॉल से खेलकर ही सोने जाता।’
उन्होंने आगे कहा, ‘खेल में उसकी दिलचस्पी को देखते हुए मैंने उसे ट्रेनिंग देने का फैसला किया। वह रोज 500-700 गेंदें खेलता। वह तेज गेंदबाजी का सामना बेहतर ढंग से कर सके इसके लिए मैं उसे चारपाई पर चढ़कर गेंदबाजी करता। इसके अलावा वह स्टंप को बल्ले की तरह इस्तेमाल करके भी बैटिंग करता। इससे वह ज्यादातर मौकों पर गेंद को मिडल में खेलता।’

शुभमन को बेहतर ट्रेनिंग दिलवाने के लिए वह 2007 में फाजिल्का जिले के अपने गांव चक खेरे वाला से मोहाली आ गए। शुभमन के दादा-दादी अभी गांव में ही रहते हैं।
लखविंदर ने कहा, ‘हमारा गांव मोहाली से करीब 300 किलोमीटर है लेकिन सुविधाओं का अभाव होने के कारण हम उसे यहां ले आए। हमने क्रिकेटर बनने के उसके सपने का पूरा समर्थन किया है।’