भारत अंडर-19 की टीम इस समय अंडर-19 का वर्ल्ड कप खेली रही है.जहाँ पर अभी तक सभी खिलाडियों ने अपने प्रदर्शन से सबको हैरान कर रखा है. वही इन प्रतिभाशली खिलाडियों में उत्तर प्रदेश के युवा तेज़ गेंदबाज़ ने भी अपनी जगह बनाई है. इस युवा तेज़ गेंदबाज़ का नाम शिवम मावी है.अंडर-19 के वर्ल्ड कप में लगातार 145 किमी/घंटे की रफ़्तार से गेंदबाज़ी कर रहे है.जिस वजह से उन्हें भविष्य के खिलाड़ी के रुप में देखा जा रहा है. वही खुद महान कप्तान सौरव गांगुली भी उनके फैन्स की लिस्ट में जुड़ गए है.ऐसे में आइये जानते है इस खिलाड़ी के बारे में:
ख़राब आर्थिक हालात से निकल कर बना करोड़पति

शिवम मावी को आने वाले समय बहुत बड़ा स्टार माना जा रहा है.वही आप को जानकार हैरानी होगी कि एक समय इस खिलाड़ी की आर्थिक स्थिति काफी ख़राब थी.वो बचपन में अपने दोस्त की किट से मैच खेलते थे. जिसके बाद भी उन्हें परिवार वालों ने उनका हौसला बढ़ाया। इस समय उनका परिवार नोएडा सेक्टर 71 के दो कमरे के छोटे से फ्लैट में रहता है। आप को जानकर हैरानी होगी कि शिवम मूलरूप से मेरठ (सीना) के है.उनके पिता किसान परिवार से आते है. जिस वजह से उनके माता-पिता 14 साल पहले रोजगार की तलाश में नोएडा आ गए थे।
कई बार हो चुके है चोटिल

शिवम का वर्ष 2016 में पैर में गंभीर फ्रैक्चर हो गया था। जिस वजह से वो एक साल तक क्रिकेट से दूर रहे,हालाँकि इस बाद भी उनका क्रिकेट के प्रति दीवानापन कम नहीं हुआ. शिवम् के कठिन समय के बारे में बात करते हुए उनके पिता पंकज मावी बताते हैं कि शिवम ने अपनी जिंदगी को क्रिकेट मान लिया था। इसलिए वह फिर उठ खड़ा हुआ। चोटग्रस्त होने के बावजूद वह कई बार पैदल ही अपनी एकेडमी में जाता था।
वही शिवम के दोस्त उत्तम चौधरी बताते हैं कि वह दूसरे के प्रदर्शन से भी उतना ही खुश होता है, जितने अपने प्रदर्शन से। वह एक बार करंट लगने से भी जल गए थे। बावजूद इसके गेंदबाजी नहीं छोड़ी। वही उनकी मां कविता मावी बताती हैं कि हाथ जलने के बाद ऐसा लगा कि वह क्रिकेट नहीं खेल पाएगा, लेकिन भगवान के आशीर्वाद से सब ठीक हो गया।
कुछ इस तरह से तय किया है सफर

उन्हें सबसे पहले दिल्ली के लिए अंडर-14 में खेलने का मौका मिला।जहाँ पर उन्हें अच्छे प्रदर्शन के बाद भी अंडर-16 में नहीं चुना गया था. जिसके बाद उनके कोच फूलचंद की सलाह पर वो यूपी के लिए खेलने लगे. इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। चैलेंजर ट्रॉफी में नौ विकेट लेने पर उनका चयन अंडर-19 विश्वकप क्रिकेट के लिए किया गया।