भारतीय महिला टीम की उपकप्तान हरमनप्रीत कौर इस समय काफी ज्यादा परेशानी में है. उनकी परेशानी की वजह उनकी नौकरी को लेकर है. आप को बता दे कि हरमनप्रीत कौन पिछले साल हुए महिला वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में 171 रन की पारी खेलने के बाद चर्चा में आई थी.
नौकरी को लेकर लगातार कर रही है संघर्ष

आप को बता दे कि हरमनप्रीत ने तीन साल पहले ही खेल कोटा के तहत पांच साल का बॉन्ड साइन कर वेस्टर्न रेलवे में नौकरी जॉइन की थी. अब हरमन रेलवे की नौकरी को छोडकर पंजाब पुलिस जॉइन करना चाहती है, तो रेलवे उन्हें इसकी इजाजत नहीं दे रहा है.

हरमनप्रीत ने इंडियन एक्सप्रेस से हुई बातचीत में कहा कि इस्तीफे को स्वीकार करने लिए रेलवे उनसे 27 लाख रुपए मांग रहा हैं हरमन ने कहा कि ‘मैनें यहां तीन साल काम किया है, लेकिन रिलीव करने के लिए वे मुझसे 5 साल की सैलरी जमा कराने के लिए बोल रहे हैं.’ हरमन ने कहा किे विश्व कप के कारण उन्हें 5 महीने की सैलेरी भी नहीं मिली.
पंजाब सरकार ने दिया है दखल

हरमनप्रीत कौर के मुद्दे पर अब पंजाब सरकार भी आगे आई है. पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने केंद्रीय रेलवे मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर इस स्टार खिलाडी का इस्तीफा स्वीकार करने के लिए निवेदन किया. उन्होंने लिखा है कि ‘वे किसी प्राइवेट सेक्टर के लिए नौकरी नहीं छोड़ रही हैं. बस वह केन्द्रीय सरकार की नौकरी छोड़कर राज्य सरकार की नौकरी जॉइन कर रही है. यदि उन्हें डीएसपी के पद को जॉइन करने के लिए सहमति नहीं मिलती है तो ये उसके साथ गलत होगा और ये राशि क्रिकेट में उनके शानदार प्रर्दशन के लिए पुरस्कृत करने की बजाय दंडित करने जैसी होगी.’
वही इस मुद्दे पर बोलते हुए वेस्टर्न रेलवे के जनरल मैनजर अनिल कुमार गुप्ता का कहना है रेलवे बोर्ड खेल कोर्ट से जिन लोगों की नियुक्ति करती है, उन्हें पांच साल का बॉन्ड पूरा करना होता है. बॉन्ड तोडने पर पांच साल की सैलेरी जमा करवाने के बाद ही वे यहां से जा सकते हैं.