कॉमनवेल्ड गेम्स में खेलना और साथ ही देश के लिए मेडल जितना हर खिलाड़ी का सपना होता है, फिर चाहे उसके लिए एक खिलाड़ी को कुछ भी बलिदान क्यों ना करना पड़े। ऐसा ही कुछ रेसलर रुपिंदर कौर ने किया है।
रुपिंदर कौर ने अपनी 19 माह की बेटी को खुद से दूर कर दिया है। रुपिंदर ने अपनी बेटी को अपनी मां के साथ वापस भारत भेज दिया, ताकि वह कॉमनवेल्थ गेम्स में अपने देश ऑस्ट्रेलिया के लिए मेडल जीतने का अपना सपना पूरा कर सके।
रुपिंदर कौर इस बात को बखूबी से जानती हैं कि ये त्याग करना एक मां के लिए कितना मुश्किल होता है।
पंजाब के तरण तारन से ताल्लुक रखने वालीं रुपिंदर साल 2014 में ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में एक गलती के कारण अपना सपना पूरा नहीं कर पाई थीं। 48 किलोग्राम वर्ग में रुपिंदर को लड़ना था, लेकिन उनका वजन 200 ग्राम अधिक था और इस कारण उन्हें 53 किलेग्राम वर्ग में हिस्सा लेना पड़ा।