आइए हम आपको बताते हैं श्रीलंका में चल रही निदहास ट्रॉफी से जुड़े 5 रोचक फैक्ट।
- श्रीलंका की आजादी के जश्न में होती है सीरीज
श्रीलंका में संस्कृति भाषा का प्रभाव शुरू से ही रहा है। ऐसे में कई संस्कृति के शब्द ऐसे हैं जो यहां कि लोकल भाषाओं में बोले जाते है। इन्हीं शब्दों में से एक है निदास यानी आजादी। श्रीलंका की आजादी के सिलिब्रेशन में यह ट्रॉफी करवाई जाती है। - 1998 में हुआ था पहली बार आयोजन
निदास ट्रॉफी का 1998 में पहली बार आयोजन हुआ था। क्योंकि तब श्रीलंका अपनी आजादी का 50वां साल मना रहा था। तब श्रीलंका के साथ इंडिया और न्यूजीलैंड की टीम ने इस त्रिकोणीय सीरीज में हिस्सा लिया था। निदास ट्रॉफी के तहत पहली बार टी-20 सीरीज करवाई जा रही है।
- अकी सिंगर निदहास के नाम पर होती है ट्राफी
1998 में श्रीलंका ने जब अपनी आजादी के 50 साल पूरे कर लिए थे। तब गायक अकी निदहास ट्राफी की शुरुआत करवाई गई थी। इसका मकसद सामाजिक जरूरतों को पूरा करने के लिए फंड लेना था। तब ट्राफी के तहत खेले गई त्रिकोणीय सीरीज में श्रीलंका, इंडिया और न्यूजीलैंड ने हिस्सा लिया था। - भारत ने जीती थी बारिश से प्रभावित पहली निदहास ट्राफी
बारिश से प्रभावित पूरी सीरीज के दौरान भारत सिर्फ दो मैच पूरे खेल पाया। जो पहला मैच खेला उसे हारने के बावजूद टीम इंडिया फाइनल में गई। जब फाइनल खेला तो उसमें इंडिया को छह रन से जीत हासिल हुई। - सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली ने की थी रिकॉर्ड पार्टनरशिप
भारत की ओर से सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली ने पहले विकेट के लिए 252 रन की पार्टनरशिप की थी। साथ ही सचिन ने वनडे में अपने 7 हजार रन पूरे किए थे और पूरी सीरीज में 368 रन बनाकर श्रीलंका के अरविंद डी सिल्वा प्लेयर ऑफ द सीरीज बने थे।