भारतीय टीम ने वनडे क्रिकेट में शुरुआत से ही काफी मजबूती के साथ अपने क़दमों को आगे बढ़ाया था। टेस्ट मैचों के बल्लेबाजों ने वनडे में भी खुद को उसी के अनुरूप ढालना शुरू किया था। भारतीय टीम ने वनडे में आने के 10 साल बाद भी वर्ल्ड कप जीता। कपिल देव श्रीकांत अमरनाथ आदि खिलाड़ी उस समय की भारतीय टीम में भी शामिल हुआ करते थे। समय के साथ भारतीय टीम के खेल और तकनीक में भी काफी ज्यादा बदलाव आता गया। जिसका असर उनके खेल पर भी साफ साफ दिखाई दिया।
भारतीय टीम में 90 के दशक में उम्दा खिलाड़ियों की अपनी एक शानदार खेप बनाई थी। जो समय के मुताबिक बढ़ती गई और टीम में मजबूती आती गई टूर्नामेंट जीतने के लिए भारतीय बल्लेबाजों ने धाकड़ खेल दिखाया। लेकिन कई मौके ऐसे भी आए जब उन्हें क्रीज पर टिककर बल्लेबाजी करते हुए खेलना था। इस तरह उन्होंने शतक भी जड़े। लेकिन स्ट्राइक रेट काफी कम रहा है। यानी उन्होंने काफी गेम खेलकर एक धीमी पारी और धीमा शतक अपने नाम किया। लेकिन कई बार ऐसे मौके ऐसे भी आए हैं। जो भारतीय खिलाड़ियों ने बेहद शानदार और दिमाग शतक जड़ा है। जिसे शायद समय की मांग भी कहा जा सकता है परिस्थिति और पिच के मुताबिक कई बार खेलना ऐसा भी होता है। ऐसे में खिलाड़ियों को यह बात ध्यान में नहीं रखनी चाहिए कि वह बहुत ज्यादा धीमा खेल रहे हैं। ऐसे ही तीन बल्लेबाजों का जिक्र आज हम आप सभी के आगे करने वाले हैं। जिन्हें भारतीय टीम में सबसे धीमा वनडे शतक अपने नाम किया है।

क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर को बतौर ओपनर आक्रमक खिलाड़ी के रूप में सभी लोग जानते थे। लेकिन कुछ मौकों पर उन्होंने बेहद संयम के साथ बल्लेबाजी की। इस दौरान उन्होंने धीमे-धीमे शतक भी लगाए श्रीलंका के खिलाफ 2000 में उन्होंने 138 गेंद में अपना शतक पूरा किया था जो कि उनका सबसे ज्यादा धीमा शतक रहा है। इतना ही नहीं इसी तरह की गेंदबाजी में उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ भी अपना 100वां शतक जड़ा था। श्रीलंका के खिलाफ यह शतक तो काम तो नहीं आया क्योंकि टीम को मैच में हार का सामना करना पड़ा था। सचिन तेंदुलकर के अलावा मैच में किसी भी भारतीय खिलाड़ी ने रन नहीं बनाए थे। जिसके कारण सचिन को ही मैन ऑफ द मैच इस दौरान चुना गया था।

इसमें दूसरा नाम आता है अजय जडेजा का। आपको बता दें कि इस खिलाड़ी ने अपना धीमा शतक 138 गेंद में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1999 के दौरान लगाया था। जो कि वर्ल्ड कप था। लगातार गिरते जा रहे विकेटों के बीच जडेजा ने रोबिन सिंह के साथ मिलकर टीम की कमान संभाली।

आपको बता दें कि सौरभ गांगुली ना सिर्फ एक बेहतर बल्लेबाज है बल्कि वह एक शानदार प्लानर भी है। सौरव गांगुली ने मार्च 1999 वे में 141 गेंद पर शतक जड़ा जो सबसे धीमा शतक रहा है। उन्होंने यह आकड़ा श्री लंका के खिलाफ खेलते हुए नागपुर में पूरा किया था हालांकि उनकी इस पारी से भारतीय टीम को काफी ज्यादा फायदा हुआ था।


