भारत में हमेशा से ही प्रतिभा की कभी भी कमी नही रही है. ऐसे में आज हम आप को एक ऐसे ही खिलाड़ी के बारे में बताएँगे,जिसने अपनी आँख की रोशनी खोने के बाद भी क्रिकेट में अपना करियर बनाया और भारत के लिए वर्ल्ड कप में भी हिस्सा लिया. हाल में ही बुधवार को ब्लाइंड क्रिकेट वर्ल्ड कप में हरियाणा के दीपक मलिक के नाबाद 179 रनों की पारी की बदौलत भारत ने पहली जीत हासिल की. आइये जाते है इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी के बारे में :
दिवाली में खो दी आखों की रोशनी

आप को जानकार हैरानी होगी कि दीपक ने 2004 में दिवाली के दिन हुए एक हादसे में वह आंखों की रोशनी गंवा बैठे थे. जिसके बाद उन्होंने दीपक ने पहले अपनी आंखों का इलाज करवाया.जिसके बाद डॉक्टरों ने बताया कि वह सिर्फ 6 मीटर तक ही देख सकता है। वही दीपक ने दिल्ली के इंस्टीट्यूशन ब्लाइंड स्कूल से पढ़ाई की है। इस बीच वह दिल्ली के ब्लाइंड स्कूल में पहुंचे और यहां क्रिकेट खेलने लगे। इसके बाद उन्होंने स्कूल लेवल क्रिकेट से स्टेट लेवल क्रिकेट तक में खुद की एक पहचान बनाई। उन्होंने ब्लाइंड क्रिकेट में भारतीय टीम को वर्ल्ड कप चैंपियन और एशिया कप जैसे खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है.

बनाए है कई रिकॉर्ड

- ब्लाइंड वनडे में सबसे तेज हाफ सेन्चुरी सहित कई रिकॉर्ड भी दीपक के नाम हैं।
- उन्होंने 2014 वर्ल्ड कप में श्रीलंका के खिलाफ केपटाउन में 17 गेंदों में 50 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली थी।
- 2014 ब्लाइंड क्रिकेट वर्ल्ड कप के अलावा जनवरी, 2016 में हुए एशिया कप में भी वह टीम इंडिया का हिस्सा रह चुके हैं।
- इंडिया ने एशिया कप के फाइनल में पाकिस्तान को हराकर खिताबी मुकाबले में जीत हासिल की थी।


