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बीसीसीआई से नहीं मिली मैच फीस, ये हैं 5 कारण….

रणजी ट्रॉफी सेशन धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ रहा है, लेकिन ध्यान देने वाली बात ये है कि घरेलू क्रिकेटर परेशान हैं. गुजारा कैसे चल रहा है? शायद भगवान भरोसे! बड़ी हैरानी की बात है कि दुनिया के सबसे धनी (बीसीसीआई) की तरफ से इन खिलाड़ियों को पिछले दो सेशन की अपनी मैच फीस नहीं मिली है.अपने संविधान के अनुसार बीसीसीआई अपनी कुल सालाना कमाई का 10.6 फीसदी हिस्सा घरेलू क्रिकेटरों को देता है. देश भर में करीब 500 फर्स्ट क्लास क्रिकेटर घरेलू टूर्नामेंटों में हर साल हिस्सा लेते हैं.

घरेलू क्रिकेटर एक सेशन में 12-15 लाख रुपये की कमाई करता है. अब आप सोच सकते हैं कि ये खिलाड़ी किस स्थिति और मनोदशा से गुजर रहे होंगे. चलिए आपको बताते हैं इन घरेलू क्रिकेटरों को बीसीसीआई से अपने पिछले दो सेशन की फीस न मिलने का क्या कारण हैं.

1. लोढ़ा कमेटी के नियमों के लागू कराने को लेकर सीओए और राज्य एसोसिएशनों के बीच टकराव

2. सीओए कर रहा है नई भुगतान प्रणाली पर काम

3. सीओए के कार्यभार संभाने के बाद से एक भी आम बैठक का आयोजन नहीं

4. बैठक न होने के कारण खाते क्लीयर नहीं हो सके हैं. एजीएम के आयोजन के बाद ही पैसा मिलना संभव

5. एजीएम का आयोजन किसी को नहीं पता, कब होगा

देश भर की करीब पच्चीस क्रिकेट एसोसिशनों के खिलाड़ियों को बीसीसीआई की तरफ से अपनी मैच फीस का पैसा नहीं मिला है. बोर्ड अपने संविधान के अनुसार अपनी सालाना कमाई का 26 फीसदी खिलाड़ियों को बांटता है. 26 में से 13 फीसदी रकम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को दी जाती है, तो 10.6 फीसद कमाई घरेलू क्रिकेटरों और बचा हुआ 2.4 प्रतिशत पैसा महिला और जूनियर क्रिकेटरों पर खर्च किया जाता है.

Written by Deepak Chauhan

Deepak Chauhan is a journalist who expertise is writing digital News on Sports & Political , inspirational stories , having 5+ Year experience as a News Article writer,

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