साउथ अफ्रीका में भारत के फिरकी गेंदबाजों युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव ने हर किसी को उनका मुरीद बना दिया है. भरतीय टीम को मेजबान टीम के खिलाफ लगातार तीन जीत हासिल करवाने में इनों ने अहम भूमिका निभाई है. टीम इंडिया में इन दोनों के योगदान को देखते हुए आर अश्विन और रवींद्र जडेजा जैसे फिरकी गेंदबाजों के लिमिटेड ओवर के खेल मे, भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं.
टीम के दरवाजे बंद नही हुए है

हालांकि भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच भरत अरुण का कहना है कहा कि कलाई के स्पिनरों कुलदीप यादव और युजवेन्द्र चहल के शानदार प्रदर्शन के बाद भी विश्व कप 2019 के लिए दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और रविन्द्र जडेजा के लिए दरवाजे बंद नहीं हुए है.
अरुण ने माना कि नये गेंदबाज चहल और कुलदीप ने शानदार प्रदर्शन इसलिए किया क्योंकि कलाई के स्पिनर पिच से मिलने वाली मदद और हालात पर निर्भर नहीं रहते.
उनका प्रदर्शन रहा है शानदार

साउथ अफ्रीका के खिलाफ शनिवार होने वाले सीरीज के चौथे वनडे से पहले अरुण ने कहा, ‘ वे (चहल और कुलदीप) काफी सकारात्मक हैं. वे गेंद को फ्लाइट करने से डरते नहीं है. कुछ पाने के लिए गेंद को ज्यादा घुमाने से भी नहीं डरते और इसके साथ ही विकेट (पिच और हालात) पर ज्यादा निर्भर नहीं रहते है.’
कुलदीप और चहल की शानदार गेंदबाजी के बूते भारत ने छह मैचों की इस सीरीजमें 3-0 की अपराजेय बढ़त बना ली है.
पिछले साल भारत के श्रीलंका दौरे से टीम में साथ खेलना शुरू करने वाले इन दोनों गेंदबाजों ने 17 मैच में 32 शिकार किये है. इस शानदार प्रदर्शन के बाद भी गेंदबाजी कोच का मानना है कि विश्व कप टीम के लिए जगह बाकी है.