क्रिकेट की दुनिया की सबसे बड़ी लीग बन चुका इंडियन प्रीमियर लीग जल्दी शुरू होने वाला है. उसके बाद आईसीसी द्वारा आयोजित बेहद ही खास टूर्नामेंट शुरू होने वाला है जो की वर्ल्ड कप है. क्रिकेट खेलने वाली टीम के लिए वर्ल्ड कप जीतना एक गौरव का फल होता है. हर टीम हमेशा वर्ल्ड कप में कोशिश करती हैं कि अपने नाम वर्ल्ड कप का खिताब करें।
इस वर्ष भी वर्ल्ड कप का आयोजन इंग्लैंड में होने वाला है। इसके लिए दुनिया के लगभग हर टीम पूरी जोर शोर से तैयारियों में लगी हुई है। इसी परिपेक्ष में भारत की बात करें तो भारत की तैयारी भी इस वक्त तो जबरदस्त चल रही है। भारत अभी हाल ही में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड को उन्हीं की धरती पर हरा कर आ रही है। जिससे भारतीय टीम का मनोबल निश्चित तौर पर बहुत बढ़ा हुआ है। अब 24 फरवरी से ऑस्ट्रेलिया भारत का दौरा करने वाली है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया ट्वेंटी-20 मैच और पांच एकदिवसीय मैच खेलेगी।
यहां तक तो सब कुछ ठीक-ठाक दिखाई दे रहा है लेकिन असली समस्या इसके बाद चालू होती है। 23 मार्च से भारत में इंडियन प्रीमियर लीग का आयोजन होना है जो कि 12 मई तक चलेगा। जैसा कि हम सब जानते हैं कि इंडियन प्रीमियर लीग का शेड्यूल कितना बिजी होता है। हर टीम को करीब 14 लीग मैच खेलने पड़ते हैं इसके अलावा यदि कोई टीम फाइनल तक का सफर तय करती हैं तो उसको अतिरिक्त 3-4 मैच खेलने पड़ते हैं.

इस पूरे टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों को बहुत अधिक ज्यादा यात्रा भी करना पड़ता है जिसके कारण खिलाड़ियों में मानसिक और शारीरिक तौर पर थकान उत्पन्न हो जाती है. अब बीसीसीआई के सामने असल में जो समस्या उत्पन्न हो रही है वह यह है कि 12 मार्च को आईपीएल का फाइनल मैच खेला जाएगा इसके कुछ ही दिन बाद यानी 30 मई से वर्ल्ड कप शुरू हो जाएगा। ऐसे में बीसीसीआई को यह चिंता सता रही है कि यदि किसी भी खिलाड़ी को कोई इंजरी हो जाती है या कोई भी खिलाड़ी थकान की वजह से पूरी तरीके से फिट नहीं हो पाते हैं तो निश्चित तौर पर उसके कारण भारत का वर्ल्ड कप में प्रदर्शन भी बहुत अधिक प्रभावित होगा जो कि कि भारतीय टीम बिल्कुल भी नहीं चाहेगी।

यह समस्या तो बड़ी है इस समस्या का आभास बीसीसीआई को भी है। शायद इसीलिए बीसीसीआई अभी समस्या के समाधान हेतु हर टीम के फ्रेंचाइजी से बात करने की कोशिश कर रही है। यदि खबरों की मानें तो ऐसी खबर आ रही है कि बीसीसीआई सभी टीम के फ्रेंचाइजी से मिलकर के मीटिंग कर रही है। जिसमें वह वर्ल्ड कप में खेलने वाले खिलाड़ियों से संबंधित निर्णय ले सकती है। बीसीसीआई यह चाहती है कि जो भी खिलाड़ी वर्ल्ड कप के सदस्य रहेंगे उन्हें कम से कम मैच खिलाई जाए जिससे की वर्ल्ड कप के लिए खिलाड़ी पूरी तरीके से तरोताजा महसूस कर सकें। खबर में यह भी बताया गया है कि इस समस्या के समाधान हेतु कई तरीके के सुझाव भी बीसीसीआई के सामने रखे गए हैं।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बीसीसीआई टीम के फ्रेंचाइजी को किस तरीके से इस बात के लिए राजी करते है और दूसरी बात यह है कि क्या टीम के फ्रेंचाइजी अपनी टीम के प्रमुख खिलाड़ियों को आराम देने के बाद पर राजी होते हैं या नहीं। क्या वह देश हित के बारे में सोच पाते हैं या नहीं।
वैसे कई देश के क्रिकेट बोर्ड ने अपने खिलाड़ियों को वर्ल्ड कप के चलते आईपीएल में हिस्सा लेने से मना कर दिया है। जिसमें इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की क्रिकेट बोर्ड प्रमुख है इस वर्ष होने वाले आईपीएल में शायद ही कोई इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया का क्रिकेटर खेलता हुआ नजर आए। यह निर्णय वर्ल्डकप की तैयारी के चलते लिया गया है। भारत को भी कुछ ऐसा ही निर्णय लेने की जरूरत है, जिससे खिलाड़ी वर्ल्डकप में अपने सौ फीसदी देने में सक्षम हों।