कोरोना वायरस का प्रकोप दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। अब इस महामारी के बीच क्रिकेट मैच के दौरान गेंदबाज द्वारा थूक इस्तेमाल को प्रतिबंधित करने की चर्चाएं लगातार तेज हो रही है। इस कड़ी में सोमवार को आईसीसी की तरफ से हम से सिफारिश की गई।

अनिल कुंबले की अध्यक्षता वाली आईसीसी की कमेटी ने थूक के इस्तेमाल पर रोक लगाने की बात कही थी। इसके बाद टीम इंडिया के ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने कहा है कि टेस्ट क्रिकेट में बल्ले और गेंद दोनों छोर से अलग-अलग गेंदों का इस्तेमाल आसानी से किया जा सकता है।
जानकारी के लिए बता दें कि हरभजन ने यह बयान यूट्यूब चैनल स्पोर्ट्स तक पर दिया है। उन्होंने कहा है कि आप दोनों छोर से दोनों नई गेंदों का इस्तेमाल कर सकते हैं। एक गेंद को आफ रिवर्स स्विंग के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। जबकि दूसरी गेंद को स्विंग के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
इतना ही नहीं हरभजन ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि “मैं यह नहीं कहूंगा कि आप दोनों गेंदों का इस्तेमाल 90 ओवरों के लिए करें। आप उन्हें 50 ओवर के बाद आसानी से बदल सकते हैं। क्योंकि दोनों ही गेंदे 50 ओवर तक पुरानी हो जाएंगी। उनकी चमक ख़त्म हो जायेगी। कप्तान के पास विकल्प होना चाहिए कि वो नई गेंद को एक ही छोर से इस्तेमाल करना चाहता है या दोनों छोर से।

जानकारी कि आपको बता दें कि लार गेंद को चमकाने में किस तरह मददगार होता है। इस बात को समझाते हुए हरभजन सिंह ने कहा है कि जब गेंद पुरानी हो जाती है तो गेंद पसीने से चमकती नहीं है सिर्फ भारी होती है। ऐसे में लार थोड़ा मोटा होता हो और उसके बार-बार इस्तेमाल करने से गेंद में चमक आ जाती है।
उन्होंने यह भी कहा कि हमें देखना होगा कि लार के अलावा और क्या विकल्प मौजूद है। जिसे आप गेंद और बल्ले के बीच संतुलन बनाए रख सकते हो। लार का इस्तेमाल ना होने से गेंद हवा में ज्यादा देर तक नहीं रहेगी और ज्यादा स्पिन भी नहीं करेगी। अगर गेंद में चमक नहीं रहेगी और यह सिर्फ पसीने से ही भारी रहेगी तो गेंद हवा में ज्यादा देर तक नहीं रहेगी और जल्दी नीचे आ जाएगी।
मनिका पालीवाल

