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एक हाथ वाला “सिकंदर”

उन्हें अपने खेल में महारथ है… एक हाथ से दुनिया जीतने की कला उनके पास है…वो खेल रत्न भी हैं….खुद के कायम किए कीर्तिमानों को तोड़ना उनका शौक है…. और, क्या क्या खूबियां गिनाएं इस खिलाड़ी की, क्योंकि जितनी भी गिनाएं शायद वो कम ही हों। हिंदुस्तान के इस होनहार खिलाड़ी का नाम है देवेंद्र झाझरिया।

कहते हैं, अपने हाथों की लकीरों को क्या देखते हो, किस्मत तो उनकी भी होती है, जिनके हाथ नहीं होते…और ये बात
देवेंद्र झाझरिया पर पूरी तरह से चरितार्थ होती है ।

झाझरिया ने पिछले साल रियो में हुए पैरालिंपिक खेलों में एक नए कीर्तिमान के साथ भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता था। रियो पैरालिंपिक के जेवलिन थ्रो इवेंट में देवेंद्र झाझरिया ने , 2004 एथेंस पैरालिंपिक में बनाया अपना पिछला रिकॉर्ड तोड़ते हुए, 63.97 मीटर भाला फेंका और भारत की सुनहरी जीत की इबारत लिखी। देवेंद्र ने एथेंस में 62.15 मीटर भाला फेंककर भारत के लिए गोल्ड जीता था।

हालांकि, पैरालिंपिक के चैम्पियन और मौजूदा दौरे के वर्ल्ड नंबर तीन जेवलिन थ्रोवर देवेंद्र झाझरिया की जिंदगी शायद उसी वक्त थम जाती जब 8 साल की उम्र में पेड़ पर चढ़ते वक्त उनका हाथ बिजली के तारों से टकरा गया था।

11000 वोल्ट के करंट की वजह से उनका पूरा हाथ झुलस गया। तमाम कोशिशों के बावजूद देवेंद्र का बायां हाथ काटना पड़ा और ये उनके और उनके परिवार के लिए किसी वज्रपात से काम नहीं था। लेकिन, इस हादसे में हाथ गंवा चुके झाझरिया ने हिम्मत नहीं हारी। उनके अंदर जीने का जज्बा बना रहा, उनके मनोबल ने उनके घरवालों को हिम्मत दी और देवेंद्र ने एथलीट की दुनिया में करियर बनाने का फैसला किया और आज नतीजा दुनिया के सामने है।

देवेंद्र ने देश के लिए साउथ कोरिया में हुए 2002 के फेसपिक खेल, एथेंस 2004 पैरालिंपिक, 2013 की वर्ल्ड एथलेटिक्स चैम्पियनशिप और 2016 रियो पैरालिंपिक में गोल्ड जीता। साल 2012 में राजस्थान के रहने वाले देवेंद्र को राष्ट्रपति से पद्मश्री सम्मान भी मिला, जिसे हासिल करने वाले वो देश के पहले पैरालिंपिक एथलीट हैं।

साल 2017 में भारत सरकार ने देवेंद्र झाझरिया को खेलों के सबसे बड़े सम्मान राजीव गांधी खेल रत्‍न से भी नवाजा, उन्हें ये अवार्ड हॉकी के मशहूर खिलाड़ी सरदार सिंह के साथ संयुक्त रूप से दिया गया। अपनी मेहनत और लगन से दुनिया भर में शानदार परफॉर्मेन्स कर देश के लोगों के लिए मिसाल बने देवेंद्र ने साबित कर दिया है कि अगर
इंसान चाह ले तो कोई भी चीज असंभव नहीं है। हिम्मत और हौसला हो तो हर चीज पायी जा सकती है।

 स्पोर्ट्स डेस्क प्रीती शर्मा

Written by Deepak Chauhan

Deepak Chauhan is a journalist who expertise is writing digital News on Sports & Political , inspirational stories , having 5+ Year experience as a News Article writer,

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