भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर और पाकिस्तान के पूर्व हरफनमौला शाहिद अफरीदी के बीच अपने खेलने के दिनों में मैदान पर और पिछले कुछ अर्से से सोशल मीडिया पर तकरार तो विख्यात है उनकी तक़रार मैदान और सोशल मीडिया दोनों जगह देखने को मिली ही होगी और गंभीर ने एक बार फिर अफरीदी को करारा जवाब देते हुए 2007 विश्व कप के फाइनल की याद दिलायी।
दरअसल मामला अफरीदी की आत्मकथा ‘गेम चेंजर’ में गंभीर के बारे में लिखी गई घटना के मीडिया में आने के बाद का है। यह किताब पिछले साल जारी हुई है। अफरीदी ने इसमें गंभीर के व्यवहार और रिकॉर्ड पर सवाल उठाते हुए कहा कि गंभीर के साथ ‘एटीट्यूड’ की बहुत समस्या है।
किताब के इस अंश का मीडिया में जिक्र होने के बाद गंभीर ने ट्विटर के जरिये अफरीदी को जवाब दिया। उन्होंने शनिवार को कहा, ”जिसे अपनी उम्र याद नहीं, वह मेरे रिकॉर्ड को कैसे याद रखेगा।
गंभीर ने आगे कहा- अफरीदी मैं आपको एक रिकॉर्ड याद दिलाता हूं। 2007 में T-20 विश्व कप का फाइनल मुकाबला भारत बनाम पाकिस्तान था। गंभीर ने 54 गेंद में 75 रन बनाये थे जबकि अफरीदी ने एक गेंद में 0 रन और इससे भी जरूरी चीज यह कि हम विश्व कप जीते और हां, मैं झूठे, देशद्रोही और अवसरवादियों के प्रति सख्त रवैया रखता हूँ।”
अफरीदी ने अपनी किताब में लिखा है कि उन्हें गौतम गंभीर और दिग्गज लेग स्पिनर शेन वॉर्न के खिलाफ खेलना बहुत पसंद था क्योंकि ये दोनों ही छोटी-छोटी चीज़ों पर प्रतिक्रिया देते थे। उन्होंने गंभीर के बारे में लिखा, ”कुछ प्रतिद्वंद्विता व्यक्तिगत थी, कुछ पेशेवर लेकिन गंभीर का मामला अलग था, गौतम बहुत खराब और उसका व्यवहार भी अच्छा नहीं था।”
अफरीदी ने 2007 एशिया कप का भी जिक्र करते हुए कहा कि वह रन दौड़ते समय मुझ से भिड़ गया था, तब अंपायर को दखल देना पड़ा। इससे पहले जब जम्मू कश्मीर से विशेष दर्जा वापिस लिया गया था, तब भी अफरीदी ने इसके विरोध में ट्वीट किया था जिसका उस समय गंभीर ने करार जवाब दिया था। इस तरह इन दोनों की तकरारी प्रतिक्रियाएँ सोशल मीडिया पर अब भी देखने को मिल ही जाती हैं।




