सपने तो सभी देखते हैं लेकिन सच उन्हीं के होते हैं जो अपने सपने को जीते हैं। हैदराबाद के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने भी अपने सपने को जिया है। सिराज का सपना था टीम इंडिया की जर्सी पहनने का और उनका ये सपना सच हुआ न्यूजीलैंड के खिलाफ हाल ही में खत्म हुई T-20 सीरीज में !
कीवी टीम के खिलाफ घरेलू टी-20 सीरीज में जिन दो नए खिलाड़ियों को पहली बार टीम इंडिया की जर्सी पहनने का मौका मिला , उनमें एक नाम मोहम्मद सिराज का भी था। सिराज को तेज गेंदबाज के तौर पर टीम इंडिया की टी-20 टीम में जगह मिली थी। हालांकि, हैदराबाद से टीम इंडिया तक का सफर सिराज के लिए आसान नहीं था।
दरअसल, एक अच्छा क्रिकेटर बनने के लिए जिन बुनियादी सुविधाओं की जरुरत होती है, सिराज उससे बिल्कुल अछूते थे। साल 1994 में जन्में सिराज को कभी किसी क्रिकेट अकादमी जाने का मौका नहीं मिला क्योंकि ऑटो चलाने वाले पिता मोहम्मद गौस की आमदनी इतनी नहीं थी । काफी संघर्ष और जद्दोजहद के बाद सिराज को हैदराबाद की रणजी टीम में जगह मिली ।
दो सीजन रणजी खेलने के बाद सिराज किसी तरह से 10 लाख रुपये जमा करने में कामयाब हुए, जिससे उन्होंने अपने परिवार के घर खरीदने के सपने को साकार किया । परिवार का सपना पूरा कर चुके सिराज के लिए अब बारी थी अपने सपने को सच कर दिखाने की। और, इस मोड़ में आईपीएल-10 सिराज के लिए मील का पत्थर साबित हुआ।
दो सीजन रणजी खेलने के बाद सिराज किसी तरह से 10 लाख रुपये जमा करने में कामयाब हुए, जिससे उन्होंने अपने परिवार के घर खरीदने के सपने को साकार किया । परिवार का सपना पूरा कर चुके सिराज के लिए अब बारी थी अपने सपने को सच कर दिखाने की। और, इस मोड़ में आईपीएल-10 सिराज के लिए मील का पत्थर साबित हुआ।
इस साल आईपीएल 10 की नीलामी में जब सिराज के नाम की बोली लगी तो उन्हें अपनी टीम से जोड़ने के लिए हैदराबाद सनराइजर्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर के बीच होड़ लग गई । इस जबरदस्त होड़ का नतीजा ये रहा कि सिराज को बेस प्राइस से 13 गुना ज़्यादा की क़ीमत मिली। हैदराबाद सनराइजर्स ने उन्हें उनकी बेस प्राइस 20 लाख रुपये की जगह 2 करोड़ 60 लाख रुपये में खरीदा ।
गरीबी और मजबूरी का हर रंग देख चुके मोहम्मद सिराज के लिए ये किसी चमत्कार से कम नहीं था। हालांकि आईपीएल 10 में उन्हें केवल 6 मैच ही खेलने का मौका मिला लेकिन इसमें भी उन्होंने 10 विकेट चटकाए । टीम के आखिरी लीग मैच में सिराज गुजरात लायंस के ख़िलाफ़ 32 रन देकर 4 विकेट लेते हुए सभी का ध्यान अपनी ओर खींचने में कामयाब रहे। सिराज की इसी कामयाबी का नतीजा रहा कि उन्हें 5 महीने बाद न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ टी-20 मैच में डेब्यू करने का मौका मिला।
हालांकि, टीम इंडिया की जर्सी में सिराज का डेब्यू उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा । पर, जैसा कि उनके सीनियर और टी-20 स्पेशलिस्ट भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बूमराह का कहना है कि सिराज की गेंदों में पैनापन हैं और वो मैच दर मैच अनुभव हासिल कर बड़ा गेंदबाज बनने की काबिलियत रखते हैं।
स्पोर्ट्स डेस्क प्रीती शर्मा

