वक्त कभी किसी का एक सा नहीं रहता. वक्त बदलते देर नहीं लगती. कभी कोई शख्स बुलंदियों पर पहुंच जाता है तो कभी अचानक से फर्श पर आकर गिर जाता है.
ऐसा कभी न कभी हर इंसान के साथ होता है. भारत में आईपीएल की लोकप्रियता इन दिनों आसमान पर है. इसके हर सीजन के खिलाड़ियां के ढेर सारे फैन भी हो जाते हैं. आईपीएल के साथ भी यह देखने को मिला है कि इसमें चमकने वाले कई सितारे आज गुमनामी के अंधरे में खो चुके हैं.
आइए, आज चर्चा करते हैं, ऐसे ही कुछ खिलाड़ियों की, जिन्होंने एक सीजन में धुआंधार पारी खेली और अचानक से अदृश्य हो गए
श्रीनाथ अरविन्द

सल 2011 में हुए आईपीएल में श्रीनाथ अरविंद जबर्दस्त गेंदबाज थें. श्रीनाथ रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की टीम का हिस्सा थें. किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ चार विकेट चटका कर अचानक से सुर्खियों में आ गए थें.
अरविंद ने इस दौरान पंजाब के कप्तान जॉर्ज बेली, डेविड मिलर, रिद्धिमान साहा, ग्लेन मैक्सवेल को आउट किया था.बाएं हाथ का यह तेज गेंदबाज कर्नाटक का उभरता हुआ क्रिकेट सितारा बन गया था.
एक समय में अरविंद का यह जलवा हुआ करता था कि बल्लेबाजों को पता ही नहीं चल पा रहा था कि अरविंद के गेंदों का किस तरह से सामना किया जाए. अरविंद ने आईपीएल के 13 मैचों में 21 विकेट लिए थें. आज अरविंद कहां हैं, कोई नहीं जानता.
मनप्रीत सिंह गोनी

आईपीएल के प्रथम संस्करण में मनप्रीत सिंह गोनी चेन्नई सुपर किंग टीम की ओर महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व में खेल रहे थें. गोनी उस दौरान टीम के हिटर बल्लेबाज और प्राइम बॉलर बन गए थें.
उन्हें भारतीय टीम का अगला स्टार माना जाने लगा था. अपने आईपीएल करियर की शुरुआत में गोनी ने 16 मैचों में 17 विकेट लिए थें. उनका एक औसत 26.05 का और स्ट्राइक रेट 3.3 ओवर में एक विकेट लेने का था.
इसके बाद गोनी का प्रदर्शन लगातार खराब होने लगा और फिर वह 2013 के बाद से आईपीएल से ओझल हो गए.
पॉल वाल्थटी

पॉल वल्थाटी आईपीएल के पहले सीजन के तूफानी खिलाड़ी बनकर उभरे थें. किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से खेलने वाले पॉल ने कई बार अपनी टीम को शानदार शुरुआत दी और रातों रात स्टार बन गए.
वल्थाटी ने आईपीएल 2011 में 14 मैचों में 463 रन बनाए थे. उन्होंने पंजाब को हर मैच में अच्छी बढ़त दिलाई. उन्होंने इस टूर्नामेंट में एक शतक और दो अर्धशतक लगाया.
चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मैच में 63 गेंदों में 120 रनों की तूफानी पारी खेलने वाले पॉल का ग्राफ इसके बाद लगातार गिरने लगे. ऐसा महसूस हुआ कि उन्होंने कभी बैटिंग की ही नहीं थी. 2013 के आईपीएल में उन्हें मात्र 06 रन बनाए. पॉल आईपीएल के लिए चार दिन की चांदनी साबित हुए.
राहुल शर्मा

राहुल शर्मा ने भी पॉल की तरह 2011 आईपीएल में उम्दा खेल का प्रदर्शन किया. पुणे वारियर्स टीम की ओर से खेलते हुए राहुल ने उस सीजन में 14 विकेट झटके.
राहुल ने अपनी लेग ब्रेक और गुगली से टीम को इतना प्रभावित किया कि उन्हें टीम इंडिया में भी जगह मिल गई. राहुल ने भारत के लिए 04 वनडे और 02 ट्वेंटी ट्वेंटी इंटरनेशनल मैच भी खेले. अपनी टीम पुणे वारियर्स की तरह राहुल भी आईपीएल की चकाचौंध से दूर हो चुके हैं.