आईपीएल 2022 का आगाज हो चुका है और ऐसे में सीएसके को फिर से आईपीएल इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी सफलता प्राप्त करने वाली टीम माना जाता है। आपको बता दे कि टीम ने अपने निरंतर प्रदर्शन से अन्य आईपीएल टीमों के लिए अलग मापदंड को स्थापित किया है। हालांकि धोनी की कप्तानी वाली टीम ने हमेशा से ही अपने खिलाड़ियों का जबरदस्त तरीके से इस्तेमाल करते हुए हमेशा कोशिश की है कि उसकी टीम आईपीएल ट्रॉफी को अपने नाम करें। इतना ही नहीं सीएसके आईपीएल इतिहास उठाकर देखें तो इस टीम ने कभी भी बहुत ज्यादा चतुर गेंदबाजों के साथ नहीं खेला है। आपको बता दें कि उन्होंने हर सीजन अपने अनुभवी गेंदबाजों के साथ और कुछ युवा गेंदबाजों के साथ ही मौकों पर सफलता हासिल की है।
हालांकि आईपीएल में कई सारे खिलाड़ी ऐसे भी आएंगे जिन्होंने सीएसके की कमजोर गेंदबाजी का फायदा उठाकर शतक लगाने का भी काम किया है। आईपीएल में शतक बनाना काफी मुश्किल काम होता है। लेकिन हर चीज में कुछ बल्लेबाज शतक लगाकर लीग में एक और इतिहास कायम करने की कोशिश करते हैं आज हम आपको इस आर्टिकल में ऐसे भारतीय बल्लेबाजों के बारे में बताते हैं जिन्होंने आईपीएल में शतक जड़ा है।
पॉल
आईपीएल 2011 के सीजन में युवा बल्लेबाज पॉल वल्थाटी आईपीएल में सीएसके के खिलाफ शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज है। आपको बता दें कि इस सीजन में सीएसके के खिलाफ खेलते हुए 52 गेंदों पर इन्होंने शतक जड़ दिया था। उस मैच में खिलाड़ी ने 10 गेंदों में 19 चौकों की मदद से नाबाद 120 रन दिए थे। उनकी शानदार बल्लेबाजी के बाद ही पंजाब की टीम ने सीएसके पर जीत हासिल की थी।
वीरेन्द्र सहवाग
आईपीएल 2014 के दूसरे क्वालीफायर में पंजाब सिंह का सामना सीएसके से हुआ था। आपको बता दें कि इस मैच में पंजाब की टीम को पहले बल्लेबाजी करने का मौका मिला था और टीम के बेहतरीन बल्लेबाज सहवाग ने ताबड़तोड़ अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए सीएससी के गेंदबाजों के खिलाफ जमकर रन बनाए थे। सहवाग ने 50 गेंदों में शतक पूरा किया था और आउट होने से पहले उनकी पारी में 58 गेंदों में 12 चौके और 8 छक्कों की मदद से 122 रनों का स्कोर बनाया था।
वैसे तो यह मैच पंजाब ने अपने नाम किया था लेकिन इस मैच में सुरेश रैना की तूफानी पारी को याद किया जाता है कि इस मैदान में रैना ने 25 गेंदों की मदद से 12 चौके और 6 छक्कों को जोड़ते हुए 87 रन अपने नाम किए थे।
शिखर धवन
आईपीएल 2020 में दिल्ली के ओपनिंग बल्लेबाज धवन का बल्ला खूब चला था। उन्होंने लगातार दो शतक बनाए थे जिसमें एक शतक 34 में मैच में चेन्नई के खिलाफ आया था। इस मैच में चेन्नई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए दिल्ली के खिलाफ 180 रनों का लक्ष्य रखा था। लक्ष्य का पीछा करने मैदान में उतरी दिल्ली की शुरुआत कोई खास नहीं रही और टीम ने 2 विकेट जल्दी ही गवा दिए। हालांकि यहां से धवन ने पहले से सैया और फिर इसको इसके साथ है साझेदारी करते हुए दिल्ली को मैच का विनर भी बनाया था।


