
विराट कोहली के नेतृत्व वाली राॅयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम ने भले ही अपना पिछला मुकाबला जीतकर लगातार मिल रही हार का सिलसिला रोका था, मगर इसके अगले ही मैच में सोमवार को वानखेड़े स्टेडियम में रोहित शर्मा की कप्तानी में मुंबई इंडियंस ने उसे फिर से 5 विकेट से मात देकर प्लेआॅफ में पहुंचने के उसके सपने को चूर-चूर करके रख दिया।

इस तरह से साल 2012 के बाद से वानखेड़े स्टेडियम में एक भी मैच नहीं जीतने का बेंगलुरु का शर्मनाक रिकाॅर्ड कायम रह गया। राॅयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट खोकर 171 रन बनाये, जिसके बाद जीत के लिए मिले 172 रनों के लक्ष्य को मुंबई इंडियंस ने एक ओवर शेष रहते 5 विकेट खोकर हासिल कर लिया। मुंबई की इस जीत के हीरो हार्दिक पांड्या रहे, जिन्होंने 16 गेंदों पर धुआंधार 37 रन बनाये और टीम को जीत की दहलीज तक लेकर गये।
पहले बल्लेबाजी करने के लिए उतरे बेंगलुरु को पहला झटका कप्तान विराट कोहली के रूप में लगा, जिन्हें केवल 8 रन पर ही बहरेनडाॅर्फ ने पैवेलियन भेज दिया। इसके बाद पार्थिव पटेल और एबी डिविलियर्स के बीच थोड़ी देर के लिए साझेदारी बनी, जिसे सातवें ओवर की अंतिम गेंद पर हार्दिक पांड्या ने पार्थिव को सूर्यकुमार यादव के हाथों कैच कराकर तोड़ा।

पार्थिव 20 गेंदों पर एक छक्के और चार चैके की मदद से 28 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद डिविलियर्स और मोइन अली के बीच लंबी पार्टनरशिप विकसित हुई। दोनों ने मिलकर मुंबई के गेंदबाजों की अच्छी क्लास ली। पांच छक्के और एक चैके की मदद से केवल 32 गेंदों पर अर्धशतक बनाने के ठीक बाद मोइन को मलिंगा ने हार्दिक पांड्या के हाथों कैच कराकर वापस भेजा।
इसके बाद बल्लेबाजी करने आये स्टोइनिस बिना खाता खोले ही मलिंगा की ही गेंद पर इशांत शर्मा को कैच थमाकर चलते बने। इसी बीच खतरा बनते दिख रहे डिविलियर्स को पोलार्ड ने शानदार तरीके से तब रन आउट कर दिया, जब वे 4 छक्के और 6 चैके की मदद से 51 गेंदों पर 75 रन बना चुके थे। नाथ और नेगी भी जल्दी-जल्दी आउट हो गये। मलिंगा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए केवल 31 रन देकर 4 विकेट हासिल किये।

इसके बाद लक्ष्य का पीछा करने के लिए उतरी मुंबई की टीम को सलामी बल्लेबाजों कप्तान रोहित शर्मा और क्विंटन डी काॅक ने बेहद शानदार शुरुआत दी। वे स्कोर को 70 रनों तक ले गये, तब जाकर मोइन अली ने शर्मा को क्लीन बोल्ड करके मुंबई को पहला झटका दिया। शर्मा ने 19 गेंदों पर 28 रन बनाये। इसके ठीक बाद अली ने ही डीकाॅक को भी एलबीडब्ल्यू करके पैवेलियन लौटा दिया। डीकाॅक ने 26 गेंदों पर 2 छक्के और 5 चैके की मदद से 40 रनों का योगदान दिया। इशान किशन ने ताबड़तोड़ 3 छक्के लगाये, मगर 9 गेंदों पर 21 रन बनाकर वे चहल की घूमती गेंद का शिकार बन गये।

मुंबई को चैथा झटका भी चहल ने ही दिया, जिन्होंने सूर्यकुमार यादव को सैनी के हाथों कैच दिया। यादव ने 23 गेंदों पर 29 रन बनाये। अब दो भाई क्रुणाल और हार्दिक पांड्या क्रीज पर थे, मगर क्रुणाल का विकेट लेकर मोहम्मद सिराज ने बेंगलुरु को मैच में लौटाने की कोशिश की। फिर भी हार्दिक पांड्या तो अब भी क्रीज पर डटे थे, ऐसे में बेंगलुरु भला कहां से जीत सकता था। हुआ भी वहीं। बल्लेबाजी करने के लिए आये पोलार्ड बिना कोई गेंद खेले खड़े ही रह गये और हार्दिक पांड्या ने 16 गेंदों पर ताबड़तोड़ नाबाद 37 रनों की पारी खेलकर एक ओवर शेष रहते ही टीम को विजय दिला दी।