
कोलकाता के ईडेन गार्डन स्टेडियम में गुरुवार को आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच मुकाबला होने वाला है। राजस्थान रॉयल्स ने इस मैदान पर साल 2008 के बाद कोई मुकाबला नहीं जीता है। ऐसे में 11 वर्षों के बाद राजस्थान की कोशिश यहां पर एक मुकाबला जीतने की होगी। आईपीएल में अब तक ये दोनों टीमें 20 बार आमने-सामने हो चुकी हैं, लेकिन इनमें से 10 बार जीत कोलकाता को मिली है तो 9 बार राजस्थान की टीम विजेता रही है। एक मैच का परिणाम नहीं आ सका था।

ईडन गार्डन में कोलकाता और राजस्थान के बीच अब तक 8 मुकाबले हो चुके हैं। इनमें से छह मैचों को कोलकाता अपने नाम करने में कामयाब रहा है, जबकि केवल दो मैचों में राजस्थान को जीत मिली है। इस बार के आईपीएल में कोलकाता की शुरुआत बहुत अच्छी रही थी, लेकिन उसके बाद वह लगातार पांच मैच हार चुकी है। अंतिम जीत उसे राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ ही बीते 7 अप्रैल को मिली थी। इसके बाद उसे दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई से लगातार हार का सामना करना पड़ा है।
ऐसे में कोलकाता की कोशिश होगी कि इस मैच को हर हाल में जीत कर अपनी हार के क्रम को तोड़ा जाए। राजस्थान और कोलकाता दोनों के लिए यह मैच बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यदि ये दोनों ही टीमों में से कोई भी टीम इस मुकाबले को हार जाती है, तो उसका प्लेऑफ में पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। इसके बाद उसे दूसरी टीमों के प्रदर्शन और रन रेट पर निर्भर रहना पड़ेगा। कोलकाता की टीम जहां 10 मैचों में 8 अंक लेकर इस वक्त छठे स्थान पर है, वहीं राजस्थान की टीम 10 मैचों में 6 अंक के साथ सबसे निचले आठवें पायदान पर है। ऐसे में दोनों टीमें यहां जीतने की पूरी कोशिश करती हुई नजर आएंगी।

कोलकाता की टीम के साथ सबसे बड़ी परेशानी यह है कि वह पूरी तरीके से केवल रसेल पर ही निर्भर नजर आ रही है। रॉबिन उथप्पा, दिनेश कार्तिक और सुनील नारायण के बल्ले से अपेक्षा अनुसार रन नहीं निकल पा रहे हैं। इसके अलावा कुलदीप यादव भी बहुत रन लुटा रहे हैं। ऐसे में गेंदबाजी आक्रमण में भी कोलकाता को समस्या आ रही है। दूसरी ओर राजस्थान की टीम स्मिथ के नेतृत्व में रन तो बढ़िया बना रही है, लेकिन गेंदबाजी कमजोर होने की वजह से वह बड़े लक्ष्य को भी नहीं बचा पा रही है। जयदेव उनादकट और धवल कुलकर्णी जैसे गेंदबाजों का फॉर्म में नहीं होना राजस्थान के लिए चिंता का सबब बना हुआ है।


